
हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ अनिश्चितता हमारा पीछा नहीं छोड़ती। “कल क्या होगा?” यह प्रश्न हमारे तनाव और चिंता का सबसे बड़ा कारण है। लेकिन बाइबल हमें एक ऐसे परमेश्वर के बारे में बताती है जिसके लिए ‘कल’ उतना ही स्पष्ट है जितना कि ‘आज’। यह उसका गुण है जिसे हम सर्वज्ञता (Omniscience) कहते हैं—यानी सब कुछ जानने वाला परमेश्वर।
भजन संहिता 139 के पहले चार वचन परमेश्वर के इस अद्भुत ज्ञान का सबसे सुंदर विवरण प्रस्तुत करते हैं:
“हे यहोवा, तू ने मुझे जाँचकर जान लिया है। तू मेरा बैठना और मेरा उठना जानता है; और दूर ही से मेरे विचारों को समझ लेता है। मेरे चलने और मेरे लेटने की तू ने भली-भांति छानबीन की है, और मेरे सब चालचलन से तू अच्छी तरह परिचित है। हे यहोवा, मेरे मुँह में ऐसी कोई बात नहीं जो तू पूरी रीति से न जानता हो।” (भजन 139:1-4)
1. ‘सर्वज्ञता’ का अर्थ: ज्ञान जिसकी कोई सीमा नहीं
परमेश्वर की सर्वज्ञता का अर्थ है कि वह एक ही समय में सभी चीजों को पूरी तरह और पूर्णता के साथ जानता है।
- उसे कभी कुछ सीखना नहीं पड़ता।
- वह कभी कुछ भूलता नहीं है।
- उसे कभी आश्चर्य नहीं होता, क्योंकि उसके लिए कुछ भी ‘अचानक’ नहीं होता।
वह न केवल ब्रह्मांड के विशाल सत्यों (सितारों की संख्या और उनके नाम) को जानता है, बल्कि वह आपके जीवन के सूक्ष्म विवरणों से भी वाकिफ है।
2. भजन 139:1-4 का गहरा अर्थ
दाऊद यहाँ परमेश्वर के ज्ञान के चार स्तरों का वर्णन करता है जो हमें विस्मय में डाल देते हैं:
क) वह आपके कार्यों को जानता है (“मेरा बैठना और मेरा उठना”)
हमारा दैनिक जीवन अक्सर दोहराव वाला और उबाऊ हो सकता है, लेकिन परमेश्वर के लिए आपका हर छोटा कार्य महत्वपूर्ण है। वह जानता है कि आप कब थककर बैठते हैं और कब हिम्मत जुटाकर उठते हैं। आपकी दिनचर्या का कोई भी हिस्सा उसकी नज़र से बाहर नहीं है।
ख) वह आपके विचारों को जानता है (“दूर ही से मेरे विचारों को समझ लेता है”)
इससे पहले कि कोई विचार आपके चेतन मन में पूरी तरह आकार ले, परमेश्वर उसे जानता है। वह हमारे इरादों, हमारी प्रेरणाओं (Motives) और हमारे गुप्त सपनों को जानता है। आप दुनिया के सामने मुखौटा लगा सकते हैं, लेकिन परमेश्वर के सामने आप पूरी तरह पारदर्शी हैं।
ग) वह आपके संघर्षों को जानता है (“छानबीन की है”)
मूल इब्रानी भाषा में ‘छानबीन’ शब्द का अर्थ अनाज को भूसे से अलग करने जैसा है। परमेश्वर आपके जीवन के हर अनुभव को जानता है। वह जानता है कि आपने किन परिस्थितियों में कौन सा निर्णय लिया। वह आपके ‘चालचलन’ का गवाह है।
घ) वह आपके शब्दों को जानता है (“मेरे मुँह में ऐसी कोई बात नहीं”)
अक्सर हम बिना सोचे-समझे बोल देते हैं, लेकिन परमेश्वर हमारे शब्दों के पीछे छिपे अर्थ को भी जानता है। यहाँ तक कि वह उन प्रार्थनाओं को भी जानता है जिन्हें हम शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते।
3. वह आपके ‘कल’ का स्वामी है
सर्वज्ञता का सबसे अद्भुत पहलू यह है कि परमेश्वर समय की सीमाओं में नहीं बँधा है।
- वह आपके अतीत को जानता है (और उसने आपको मसीह में क्षमा किया है)।
- वह आपके वर्तमान को जानता है (और वह आपके साथ है)।
- वह आपके भविष्य को जानता है (और उसने आपके लिए योजना बनाई है)।
भजन 139:16 में दाऊद कहता है, “मेरे सब अंग जो दिन-दिन बनते जाते थे, वे रचे जाने से पहले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।” जब आप अपने भविष्य को लेकर डरे हुए होते हैं, तो याद रखें कि जिस परमेश्वर ने आपको बनाया है, उसने आपके कल के पन्ने पहले ही पढ़ लिए हैं। उसके लिए कुछ भी अनजाना नहीं है।
4. सर्वज्ञता: भय या सांत्वना?
परमेश्वर का सब कुछ जानना हमारे लिए दो तरह का प्रभाव पैदा कर सकता है:
- पवित्र भय: यह जानते हुए कि वह हमारे गुप्त पापों और विचारों को जानता है, हमें पश्चाताप और पवित्रता के जीवन की ओर ले जाता है। हम उससे कुछ भी छिपा नहीं सकते।
- असीम सांत्वना: यह सबसे बड़ा दिलासा है कि परमेश्वर हमें पूरी तरह जानने के बावजूद पूरी तरह प्रेम करता है। उसे आपकी कमियों का पता है, फिर भी उसने आपको चुना। जब कोई आपको नहीं समझता, तब भी वह आपको समझता है।
निष्कर्ष: ज्ञान के सागर में विश्राम
सर्वज्ञ परमेश्वर पर भरोसा करने का अर्थ है—अपनी समझ का सहारा न लेना। जब हमें जीवन के “क्यों” और “कैसे” का उत्तर नहीं मिलता, तो हम उस परमेश्वर में विश्राम कर सकते हैं जिसके पास सारे उत्तर हैं। वह आपके कल को जानता है, और वह कल में भी आपके साथ होगा।
आज के लिए मनन और प्रार्थना
आज अपनी उन चिंताओं को याद करें जो भविष्य से जुड़ी हैं। फिर भजन 139:1-4 को पढ़ते हुए कहें, “प्रभु, तू सब जानता है।” इस सत्य को अपने मन में शांति लाने दें।
प्रार्थना:
“हे सर्वज्ञ पिता, मैं तेरी महिमा करता हूँ क्योंकि तेरी बुद्धि अपरम्पार है। धन्यवाद कि तू मुझे मेरी अपनी समझ से भी बेहतर जानता है। प्रभु, जब मैं अपने भविष्य को लेकर चिंतित होता हूँ, तो मुझे याद दिला कि तू मेरा कल आज ही जानता है। मेरे उन गुप्त विचारों को शुद्ध कर जो तुझे प्रसन्न नहीं करते। मुझे यह जानकर चैन और सुकून दे कि मैं तेरे ज्ञान और तेरे प्रेम के घेरे में सुरक्षित हूँ। यीशु के नाम में, आमीन।”