
दिन 6: सत्य का मार्गदर्शक—वह आपको हर सत्य में ले जाएगा
हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जिसे अक्सर “सत्य-पश्चात” (Post-truth) युग कहा जाता है।…
दिन 5: पवित्र आत्मा का वास—आप परमेश्वर का मंदिर हैं
मानव इतिहास में ‘मंदिर’ का स्थान हमेशा से अत्यंत पवित्र और विशिष्ट रहा है। पुराने…
दिन 4: सृष्टि में पवित्र आत्मा — वह शुरुआत से ही जीवन देने का कार्य कर रहा है
“और पृथ्वी बेडौल और सूनी पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अन्धियारा था; तथा…
दिन 3: त्रिएक में पवित्र आत्मा — वह पिता और पुत्र के साथ एक ही परमेश्वर है
मुख्य वचन: “इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के चेलों को बनाओ और उन्हें पिता, और…
दिन 2: पवित्र आत्मा का व्यक्तित्व—वह एक व्यक्ति है
मुख्य आयत: “परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिससे तुम पर छुटकारे के…
दिन 1: पवित्र आत्मा कौन है? (यूहन्ना 14:16-17)
परमेश्वर के गुणों के हमारे अध्ययन के बाद, अब हम उस अद्भुत व्यक्तित्व की ओर…
हमारी सेवाएँ
सत्य धर्मशास्त्र और विश्वास की खोज में आपके सहयोग के लिए हम कई सेवाएँ प्रदान करते हैं।
धर्मशास्त्र (Theology)
“केवल पढ़िए मत, गहराई से समझिए। यहाँ हम मसीही विश्वास के उन मूलभूत सिद्धांतों का अध्ययन करते हैं जो हमारे आत्मिक जीवन को मजबूती देते हैं।”
- “सत्य की गहराई, विश्वास की नींव।”
- “बाइबल के अनमोल सत्यों का गहरा अध्ययन।”
- “सतह से परे: मसीही सिद्धांतों की खोज।”
- “गहराई में उतरें, सत्य को पहचानें।”
आत्मिक विश्राम
“दुनिया के शोर में, परमेश्वर की आवाज़ सुनें। छोटे संदेश, जो आपके दिन को बदल देंगे।”
- “आत्मा की खुराक, हर दिन के लिए।”
- “परमेश्वर की निकटता का अनुभव।”
- “वचन से विश्राम: मन की शांति के लिए।”
- “प्रार्थना और प्रेम: मसीही जीवन का आधार।”
बाइबल अध्ययन
सिर्फ पढ़ें नहीं, वचन को जिएं। आइए, बाइबल की आयतों के पीछे छिपे गहरे अर्थों को एक साथ मिलकर खोजें।
- “वचन की खोज, सत्य का बोध।”
- “बाइबल को जानें: अध्याय दर अध्याय।”
- “शब्द-दर-शब्द: परमेश्वर की इच्छा को समझना।
- “सत्य का प्रकाश, आपके जीवन के लिए।”