
दिन 18: क्रूस पर अंतिम शब्द—उद्धार का पूर्ण होना
आज हम उस घड़ी में पहुँच गए हैं जो मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण मोड़…
दिन 17: अंधों को दृष्टि देना—एक नई पहचान और दृष्टि
कल हमने जाना कि कैसे यीशु हमारी बीमारियों और दुर्बलताओं को अपने ऊपर ले लेते…
दिन 16: चंगाई देने वाला—पीड़ा का भार उठाने वाला
कल हमने सीखा कि कैसे यीशु ने हमें पापों के दंड से ‘छुटकारा’ दिलाया। आज…
दिन 15: पापों की क्षमा—बंधनों से मुक्ति
पिछले दो हफ्तों में हमने जाना कि यीशु कौन हैं और उनका हृदय कैसा है।…
दिन 14: दुख उठाने वाला सेवक—हमारा बोझ उठाने वाला
अब तक हमने यीशु की नम्रता, उनकी करुणा, उनके प्रार्थनापूर्ण जीवन और उनके अधिकार को…
दिन 13: महान शिक्षक—अधिकार और सामर्थ्य की वाणी
कल हमने यीशु की ‘आज्ञाकारिता’ के गहरे समर्पण को देखा। आज हम उनके जीवन के…
हमारी सेवाएँ
सत्य धर्मशास्त्र और विश्वास की खोज में आपके सहयोग के लिए हम कई सेवाएँ प्रदान करते हैं।
धर्मशास्त्र (Theology)
“केवल पढ़िए मत, गहराई से समझिए। यहाँ हम मसीही विश्वास के उन मूलभूत सिद्धांतों का अध्ययन करते हैं जो हमारे आत्मिक जीवन को मजबूती देते हैं।”
- “सत्य की गहराई, विश्वास की नींव।”
- “बाइबल के अनमोल सत्यों का गहरा अध्ययन।”
- “सतह से परे: मसीही सिद्धांतों की खोज।”
- “गहराई में उतरें, सत्य को पहचानें।”
आत्मिक विश्राम
“दुनिया के शोर में, परमेश्वर की आवाज़ सुनें। छोटे संदेश, जो आपके दिन को बदल देंगे।”
- “आत्मा की खुराक, हर दिन के लिए।”
- “परमेश्वर की निकटता का अनुभव।”
- “वचन से विश्राम: मन की शांति के लिए।”
- “प्रार्थना और प्रेम: मसीही जीवन का आधार।”
बाइबल अध्ययन
सिर्फ पढ़ें नहीं, वचन को जिएं। आइए, बाइबल की आयतों के पीछे छिपे गहरे अर्थों को एक साथ मिलकर खोजें।
- “वचन की खोज, सत्य का बोध।”
- “बाइबल को जानें: अध्याय दर अध्याय।”
- “शब्द-दर-शब्द: परमेश्वर की इच्छा को समझना।
- “सत्य का प्रकाश, आपके जीवन के लिए।”