दिन 8: नम्र और मन में दीन—विश्राम देने वाला हृदय
अक्सर शक्तिशाली लोग कठोर होते हैं, लेकिन ब्रह्मांड का स्वामी, जिसके हाथ में सारा अधिकार है, अद्भुत रूप से कोमल […]
अक्सर शक्तिशाली लोग कठोर होते हैं, लेकिन ब्रह्मांड का स्वामी, जिसके हाथ में सारा अधिकार है, अद्भुत रूप से कोमल […]
मसीह पर केंद्रित हमारी यात्रा के पहले सप्ताह के अंतिम दिन में आपका स्वागत है। अब तक हमने यीशु को
मसीह पर केंद्रित हमारी यात्रा के पांचवें दिन में आपका स्वागत है। कल हमने यीशु को एक ‘अच्छे चरवाहे’ के
मसीह पर केंद्रित हमारी यात्रा के चौथे दिन में आपका स्वागत है। कल हमने देखा कि कैसे यीशु ‘जगत की
मसीह पर केंद्रित हमारी यात्रा के तीसरे दिन में आपका स्वागत है। पहले दो दिनों में हमने यीशु को अनादि
मसीह पर केंद्रित हमारी यात्रा के दूसरे दिन में आपका स्वागत है। कल हमने जाना कि यीशु अनादि ‘वचन’ और
हम अपनी शुरुआत समय की शुरुआत से भी पहले से करेंगे। यीशु केवल 2000 साल पहले पैदा हुआ एक महापुरुष
अब तक हमने पवित्र आत्मा के बारे में जो कुछ भी सीखा—चाहे वह उसका फल हो, वरदान हो, या उसकी
दिन 29 असल में उस ‘अनंत प्रक्रिया’ की शुरुआत है जिसे “मसीह के स्वरूप में बदलना” (Christlikeness) कहते हैं। यही
आज हम उस ‘जीवनशैली’ पर गौर करेंगे जो इन सब बातों को एक साथ जोड़ती है—आत्मा के अनुसार चलना। यह