परमेश्वर के गुणों को जानना ही अनंत जीवन है

पिछले दिनों में हमने परमेश्वर के विभिन्न गुणों—उसकी पवित्रता, संप्रभुता, प्रेम, सर्वज्ञता और अपरिवर्तनीयता—का मनन किया। आज इस यात्रा के अंतिम पड़ाव पर हम उस सत्य तक पहुँचते हैं जो इन सभी गुणों को हमारे अस्तित्व के केंद्र से जोड़ देता है। परमेश्वर के गुणों को जानना केवल एक बौद्धिक अभ्यास या धार्मिक जानकारी नहीं […]
परमेश्वर की धार्मिकता: सच्चाई और न्याय का अंतिम मानक

अक्सर हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ ‘सही’ और ‘गलत’ की परिभाषाएं परिस्थितियों के अनुसार बदल जाती हैं। जिसे एक समाज ‘न्याय’ कहता है, दूसरा उसे ‘अन्याय’ मान सकता है। इस नैतिक अस्पष्टता के बीच, बाइबल हमें एक ऐसे परमेश्वर की ओर ले जाती है जो स्वयं धार्मिकता और न्याय का अंतिम और […]
अपरिवर्तनीयता (Immutability): बदलती दुनिया में न बदलने वाला परमेश्वर

हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ ‘परिवर्तन’ ही एकमात्र स्थिर चीज़ है। तकनीक बदल रही है, मौसम बदल रहे हैं, अर्थव्यवस्थाएं ऊपर-नीचे हो रही हैं, और यहाँ तक कि हमारे सबसे करीबी रिश्ते और हमारी अपनी भावनाएं भी समय के साथ बदल जाती हैं। इस निरंतर बदलती और अनिश्चित दुनिया में, मानवीय आत्मा […]
वह ‘अटल चट्टान’ है: परमेश्वर के अस्तित्व पर हमारा अटूट भरोसा

जब हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ सब कुछ बदल रहा है—मौसम, सरकारें, हमारी भावनाएं और यहाँ तक कि हमारा शरीर—तब हमारी आत्मा एक ऐसी चीज़ की तलाश करती है जो स्थिर हो। भजन संहिता 90:2 हमें उस ‘अटल चट्टान’ के दर्शन कराता है जो समय और सृष्टि के अस्तित्व से भी प्राचीन […]
‘संचारित’ गुण: हम में परमेश्वर की छाप | Communicable Attributes

बाइबिल के पहले ही अध्याय में मनुष्य की रचना का एक ऐसा विवरण मिलता है जो हमें पूरी सृष्टि में सबसे अद्वितीय स्थान पर खड़ा कर देता है। उत्पत्ति 1:27 हमें हमारे अस्तित्व के सबसे गहरे सत्य से परिचित कराता है: “तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप […]
परमेश्वर की बुद्धि कैसी हैं-परमेश्वर के गुण भाग-13/ Wisdom of God-hindi/ Parmeshwar ki buddhi

परमेश्वर की बुद्धि परमेश्वर की बुद्धि के बारे में हम पहले पवित्र शास्त्र से कुछ आयतों को देखेंगे ताकि हमें परमेश्वर की बुद्धि के बारे में हल्का सा आभास हो जाये। पमेश्वर ही बुद्धि का स्रोत है (नीतिवचन 2:6; दानिय्येल 2:20; याकूब 1:5)। परमेश्वर सर्व बुद्धिमान परमेश्वर है (अययूब 12:13; यशायाह 40:28; रोमियों 11:33; अययूब 9:1-4; 36:5; यशायाह 31:1-2) परमेश्वर की बुद्धि […]
Parmeshwar ka krodh kya hain? 12/ परमेश्वर का क्रोध क्या हैं? भाग 12/ Wrath of God- Hindi

परमेश्वर का क्रोध क्या हैं? परमेश्वर का क्रोध भी परमेश्वर के गुणों मे से एक गुण हैं। लेकिन ये बहुत ही भयानक और डरावना शब्द है। हम ने बचपन से सुना है कि क्रोध से दूर रहना चाहिए, कम से कम गुस्सा करना चाहिए। और हम अपने आस पास देखते भी है कि क्रोध कारण […]
परमेश्वर का प्रेम क्या हैं? परमेश्वर के गुण भाग-11/Love of God-Hindi/ Parmeshwar ka prem

परमेश्वर का प्रेम क्या हैं? परमेश्वर के प्रेम को बताने के लिए परमेश्वर के वचन से अच्छा कुछ भी नहीं हैं। परमेश्वर ने अपने वचन में अपने प्रेम के बारे में बताया हैं कि परमेश्वर का प्रेम क्या और कैसा हैं। जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है कि हम उसके द्वारा जीवन पाएँ। 10 प्रेम […]
परमेश्वर की धार्मिकता-परमेश्वर के गुण भाग-10/ Righteousness of God/Attribute of God

परमेश्वर की धार्मिकता क्या हैं ? परमेश्वर की धार्मिकता के बारे में समझने से पहले ये समझना जरूरी है कि धार्मिकता क्या हैं?धार्मिकता के बारे में मनुष्य के स्तर पर बात की जाए तो इसका अर्थ, नैतिक और मौलिक तौर पर सही होना की योग्यता है। इस बात को हम मनुष्य के आधार पर धार्मिकता […]
क्या आप परमेश्वर की पवित्रता के बारे में जानते हैं-परमेश्वर के गुण 09/Holiness of God-hindi/ Attribute of God

परमेश्वर की पवित्रता: परिचय परमेश्वर की पवित्रता एक ऐसा शब्द है जिसको सुन के बहुत सारे विचार और बहुत सारी कशमकश हमारे जहन में पैदा हो जाती है। क्योंकि जब पवित्रता शब्द हमारे कानों तक पहुंचता है तब एक ही बात दिमाग में आती है वो है मेरी आजादी खत्म, अब तो बस खुदा की […]