Last words on the Cross Hindi

दिन 18: क्रूस पर अंतिम शब्द—उद्धार का पूर्ण होना

Last words on the Cross Hindi

आज हम उस घड़ी में पहुँच गए हैं जो मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ है। क्रूस पर अपनी अंतिम साँस लेने से पहले, यीशु ने एक ऐसा शब्द कहा जिसने स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल की नींव हिला दी। यह हार की चीख नहीं, बल्कि एक विजेता की गर्जना थी। यूहन्ना के सुसमाचार में यीशु के बलिदान के चरमोत्कर्ष का वर्णन इस प्रकार है: क्रूस के अंतिम शब्द इसी प्रकार से हैं

“जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा, ‘पूरा हुआ’; और सिर झुकाकर प्राण त्याग दिये।” (यूहन्ना 19:30)


1. “पूरा हुआ” (Tetelestai)

मूल यूनानी भाषा में यहाँ एक ही शब्द है—‘Tetelestai’। उस समय इस शब्द के तीन बहुत गहरे अर्थ थे:

  • कार्य का समापन: जैसे कोई चित्रकार अपनी अंतिम तूलिका चलाकर कहे कि पेंटिंग पूरी हो गई। यीशु ने वह सारा काम पूरा कर दिया जिसके लिए पिता ने उन्हें भेजा था।
  • कर्ज की अदायगी: व्यापार में जब कोई कर्ज पूरी तरह चुका दिया जाता था, तो बिल पर लिखा जाता था—Tetelestai (Paid in full)। आपके पापों का जो कर्ज था, वह अब पूरी तरह चुका दिया गया है।
  • विजय का नारा: यह एक सेनापति के शब्द थे जिसने युद्ध जीत लिया हो। मृत्यु और शैतान पर विजय प्राप्त कर ली गई थी।

2. “सिर झुकाकर प्राण त्याग दिये” (Voluntary Sacrifice)

यीशु की जान उनसे छीनी नहीं गई थी, बल्कि उन्होंने स्वयं उसे दिया।

  • संपूर्ण नियंत्रण: क्रूस के अत्यंत दुख में भी, यीशु ने तब तक प्राण नहीं त्यागे जब तक उद्धार की हर एक भविष्यवाणी पूरी नहीं हो गई।
  • परम आज्ञाकारिता: उन्होंने अपने प्राण पिता के हाथों में सौंप दिए, यह दिखाते हुए कि उनका बलिदान स्वेच्छा से किया गया एक प्रेम का कार्य था।

3. अब कुछ भी करना बाकी नहीं है

यीशु के इन शब्दों का मतलब है कि उद्धार के लिए अब मनुष्य को अपनी ओर से कुछ भी जोड़ने की ज़रूरत नहीं है।

  • अनुग्रह बनाम कर्म: आप अपने अच्छे कामों से स्वर्ग नहीं कमा सकते, क्योंकि यीशु ने पहले ही सब कुछ ‘पूरा’ कर दिया है।
  • पर्दा फट गया: मसीह की मृत्यु के समय मंदिर का पर्दा ऊपर से नीचे तक फट गया, जिसका अर्थ है कि अब हर व्यक्ति के लिए परमेश्वर के पास जाने का रास्ता खुल गया है।

4. इसका आपके जीवन के लिए क्या अर्थ है?

  1. अपराधबोध का अंत: यदि आपका कर्ज ‘पूरा’ (Paid in full) चुका दिया गया है, तो क्या कोई लेनदार (शैतान) आपसे दोबारा पैसे मांग सकता है? नहीं। मसीह में आप अब पूरी तरह दोषमुक्त हैं।
  2. विश्राम: मसीही जीवन ‘कुछ करने’ की कोशिश नहीं है, बल्कि मसीह के ‘किए हुए’ कार्य में विश्राम करना है। आज अपनी धार्मिकता साबित करने की कोशिश छोड़ें और उसके अनुग्रह को स्वीकार करें।
  3. दृढ़ निश्चय: जब यीशु ने आपके लिए अपना काम ‘पूरा’ किया, तो वह आपको भी वह सामर्थ्य देता है कि आप अपनी दौड़ को विश्वासयोग्यता के साथ पूरा कर सकें।

निष्कर्ष

यीशु मसीह ने क्रूस पर “पूरा हुआ” कहा ताकि आपके जीवन में “नया शुरू” हो सके। अब पाप का कोई बंधन, मृत्यु का कोई डर और अतीत का कोई बोझ आपको रोक नहीं सकता। भुगतान हो चुका है। आप आज़ाद हैं।


आज के लिए मनन और प्रार्थना

आज यूहन्ना अध्याय 19 को शांति से पढ़ें। क्रूस के दृश्यों को अपनी आँखों के सामने लाएं और महसूस करें कि यीशु ने आपके लिए क्या ‘पूरा’ किया है।

प्रार्थना:

“हे प्रभु यीशु, मैं तेरे उस महान शब्द ‘पूरा हुआ’ के लिए तेरा धन्यवाद करता हूँ। प्रभु, धन्यवाद कि तूने मेरे पापों का सारा कर्ज अपने लहू से चुका दिया। मुझे अपने कर्मों पर नहीं, बल्कि तेरे किए हुए कार्य पर भरोसा करना सिखा। जब मैं खुद को अयोग्य महसूस करूँ, तो मुझे याद दिला कि क्रूस पर तूने मेरे लिए सब कुछ पूरा कर दिया है। मैं तेरी इस विजय में आज आनंद मनाता हूँ। आमीन।”

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