दिन 10: करुणा से भरा हुआ—एक चंगा करने वाली छुअन
कल हमने ‘पापियों के मित्र’ के रूप में यीशु के अद्भुत अनुग्रह को देखा। आज हम उनके हृदय की उस कोमलता पर गौर करेंगे जो केवल हमारे पापों को ही नहीं, बल्कि हमारी शारीरिक और भावनात्मक पीड़ा को देखकर भी द्रवित हो जाती है। यीशु के जीवन में ‘करुणा’ केवल एक भावना नहीं थी, बल्कि … Read more