भक्ति

पवित्र आत्मा का वास
पवित्र आत्मा, भक्ति

दिन 5: पवित्र आत्मा का वास—आप परमेश्वर का मंदिर हैं

मानव इतिहास में ‘मंदिर’ का स्थान हमेशा से अत्यंत पवित्र और विशिष्ट रहा है। पुराने नियम के समय में, परमेश्वर

त्रिएक में पवित्र आत्मा
पवित्र आत्मा, भक्ति

दिन 3: त्रिएक में पवित्र आत्मा — वह पिता और पुत्र के साथ एक ही परमेश्वर है

मुख्य वचन: “इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के चेलों को बनाओ और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के

परमेश्वर के गुणों को जानना ही अनंत जीवन है
भक्ति

परमेश्वर के गुणों को जानना ही अनंत जीवन है

पिछले दिनों में हमने परमेश्वर के विभिन्न गुणों—उसकी पवित्रता, संप्रभुता, प्रेम, सर्वज्ञता और अपरिवर्तनीयता—का मनन किया। आज इस यात्रा के

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