प्रभुत्व और जिम्मेदारी: परमेश्वर का नियंत्रण और हमारा चुनाव
मसीही जीवन के सबसे गहरे रहस्यों में से एक है परमेश्वर की संप्रभुता (Sovereignty) और मनुष्य की जिम्मेदारी (Responsibility) के […]
मसीही जीवन के सबसे गहरे रहस्यों में से एक है परमेश्वर की संप्रभुता (Sovereignty) और मनुष्य की जिम्मेदारी (Responsibility) के […]
हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ अनिश्चितता हमारा पीछा नहीं छोड़ती। “कल क्या होगा?” यह प्रश्न हमारे तनाव
इस अस्थिर संसार में, जहाँ प्राकृतिक आपदाएँ, राजनीतिक उथल-पुथल और व्यक्तिगत संकट कभी भी दस्तक दे सकते हैं, हमारा मन
मत्ती 10:29-30 अक्सर हमें लगता है कि परमेश्वर इतना महान और ब्रह्मांड इतना विशाल है कि उसे हमारे छोटे-मोटे दुखों
जब हम परमेश्वर की सर्वशक्तिमानता (Omnipotence) की बात करते हैं, तो हमारे मन में सृष्टि की रचना या लाल समुद्र
मानवीय जीवन सीमाओं से घिरा हुआ है। हमारी शक्ति, हमारे संसाधन और हमारी बुद्धि एक बिंदु पर आकर समाप्त हो
अक्सर हम धर्म को बाहरी क्रियाकलापों, विशेष स्थानों और रस्मों-रिवाजों का एक समूह मान लेते हैं। हम सोचते हैं कि
परमेश्वर की सर्वव्यापकता (Omnipresence) को समझते समय अक्सर एक बहुत बड़ी दार्शनिक और आध्यात्मिक गलतफहमी पैदा हो जाती है। जब
क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप पूरी तरह अकेले होते हैं, तब भी आपके साथ कोई होता है?
परमेश्वर के गुणों की हमारी खोज अब तक हमें एक ऐसे परमेश्वर के पास ले गई है जो आत्मा है,