यीशु मसीह: अदृश्य परमेश्वर का दृश्य चेहरा

यीशु मसीह: अदृश्य परमेश्वर का दृश्य चेहरा

परमेश्वर के गुणों की हमारी खोज अब तक हमें एक ऐसे परमेश्वर के पास ले गई है जो आत्मा है, अदृश्य है, और “अगम्य ज्योति” में वास करता है। एक मनुष्य के लिए ऐसे असीम परमेश्वर से रिश्ता जोड़ना लगभग असंभव लगता। लेकिन कुलुस्सियों 1:15 इस ब्रह्मांडीय दूरी को मिटा देता है: “वह तो अदृश्य … Read more

अदृश्य महिमा: जिसे आँखों ने नहीं देखा, उसे हृदय ने पहचाना

अदृश्य महिमा:

परमेश्वर के गुणों के इस अध्ययन में हम एक ऐसे शिखर पर पहुँच गए हैं जहाँ मानवीय इंद्रियाँ अपनी सीमा समाप्त कर देती हैं। 1 तीमुथियुस 6:16 हमें उस परमेश्वर के बारे में बताता है जो प्रकाश के ऐसे पुंज में वास करता है जहाँ कोई पहुँच नहीं सकता। “वही अमरता का अकेला अधिकारी है, … Read more

मानवरूपक भाषा: जब अनंत परमेश्वर हमारी भाषा में बात करता है

मानवरूपक भाषा' (Anthropomorphism)

एकके छात्र के रूप में, जब आप धर्मशास्त्र के गहरे सागर में उतरते हैं, तो सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह होती है कि एक “असीम” (Infinite) परमेश्वर और एक “समीम” (Finite) मनुष्य के बीच संवाद कैसे संभव है? परमेश्वर, जो ‘आत्मा’ है, जो समय और स्थान से परे है, और जिसके ज्ञान की … Read more

परमेश्वर आत्मा है: रूप और आकार की सीमाओं से परे

परमेश्वर आत्मा है: रूप और आकार की सीमाओं से परे

परमेश्वर के गुणों के अध्ययन में आज हम एक ऐसे सत्य की ओर बढ़ते हैं जो हमारी भौतिक सोच को चुनौती देता है। हम मनुष्यों के लिए किसी भी अस्तित्व की कल्पना बिना किसी भौतिक रूप या आकार के करना कठिन होता है। लेकिन यीशु मसीह ने सामरी स्त्री के साथ बातचीत करते हुए वास्तविकता … Read more

वह ‘अटल चट्टान’ है: परमेश्वर के अस्तित्व पर हमारा अटूट भरोसा

परमेश्वर के अस्तित्व

जब हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ सब कुछ बदल रहा है—मौसम, सरकारें, हमारी भावनाएं और यहाँ तक कि हमारा शरीर—तब हमारी आत्मा एक ऐसी चीज़ की तलाश करती है जो स्थिर हो। भजन संहिता 90:2 हमें उस ‘अटल चट्टान’ के दर्शन कराता है जो समय और सृष्टि के अस्तित्व से भी प्राचीन … Read more

स्वयं-पर्याप्तता Self-Sufficiency: परमेश्वर की पूर्णता और हमारा अस्तित्व

स्वयं-पर्याप्तता Self-Sufficiency

अक्सर मानवीय दृष्टिकोण से सोचते हुए हमें लगता है कि परमेश्वर ने हमें इसलिए बनाया क्योंकि वह “अकेला” महसूस कर रहा था या उसे किसी की संगति की कमी महसूस हो रही थी। लेकिन प्रेरितों के काम 17:25 इस मानवीय धारणा को पूरी तरह से उलट देता है और परमेश्वर की स्वयं-पर्याप्तता (Self-Sufficiency) का एक … Read more

स्वयं-अस्तित्व (Aseity): परमेश्वर किसी का कर्जदार नहीं

स्वयं -अस्तित्व' (Aseity)

मसीही धर्मशास्त्र (Theology) में ‘स्वयं -अस्तित्व’ (Aseity) एक ऐसा शब्द है जो परमेश्वर की परम स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। यह लैटिन शब्द ‘A se’ से आया है, जिसका अर्थ है “स्वयं से।” निर्गमन 3:14 में जब मूसा परमेश्वर से उसका नाम पूछता है, तो परमेश्वर जो उत्तर देता है, वह ब्रह्मांड का सबसे … Read more

‘असंचारित’ गुण: परमेश्वर की अद्वितीय महानता| Incommunicable Attribute

Incommunicable Attribute

‘असंचारित’ गुण Incommunicable Attribute गुण परमेश्वर के आनोखे पण को दर्शाते हैं परमेश्वर को जानने की यात्रा में जब हम ‘संचारित’ गुणों (जैसे प्रेम और न्याय) से आगे बढ़ते हैं, तो हमारा सामना उसकी उस महिमा से होता है जिसे वह किसी के साथ साझा नहीं करता। ये वे गुण हैं जो उसे सृष्टि से … Read more

‘संचारित’ गुण: हम में परमेश्वर की छाप | Communicable Attributes

Communicable Attributes

बाइबिल के पहले ही अध्याय में मनुष्य की रचना का एक ऐसा विवरण मिलता है जो हमें पूरी सृष्टि में सबसे अद्वितीय स्थान पर खड़ा कर देता है। उत्पत्ति 1:27 हमें हमारे अस्तित्व के सबसे गहरे सत्य से परिचित कराता है: “तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप … Read more

परमेश्वर के गुण ही परमेश्वर हैं: गुण और कार्य का अंतर |Attributes of God

Attributes of God

परमेश्वर के गुण Attributes of God Attributes of God परमेश्वर के गुण को जानना या परमेश्वर को जानने की यात्रा में अक्सर हम इस उलझन में पड़ जाते हैं कि परमेश्वर क्या करता है औरपरमेश्वर वास्तव में कौन है। भजन संहिता 145:17 हमें एक बहुत ही गहरा सत्य प्रदान करता है जो हमारे विश्वास की … Read more