दिन 12: कठिन समय में सेवा करना – जंगल में यीशु की सेवा | Matthew 4:11

मुख्य पाठ (Key Scriptures): मत्ती 4:11, लूका 22:43, 1 राजा 19:5-7 मुख्य विषय: आत्मिक युद्ध के बाद की बहाली, थकावट में स्वर्गीय सहायता और स्वर्गदूतों की सेवा स्वर्गदूतों के विषय में आज का अध्ययन हमें मसीही जीवन के एक बहुत ही मानवीय लेकिन महत्वपूर्ण पहलू की ओर ले जाता है—थकावट और बहाली (Exhaustion and Restoration)। […]
दिन 11: मार्गदर्शन देना – सुसमाचार का मार्गदर्शन | Acts 8:26

मुख्य पाठ (Key Scriptures): प्रेरितों के काम 8:26, प्रेरितों के काम 10:3-6, मत्ती 2:13 मुख्य विषय: दिव्य दिशा-निर्देश (Divine Guidance), सुसमाचार का प्रसार और स्वर्गदूतों का रणनीतिक मार्गदर्शन स्वर्गदूतों के विषय में हमारा यह अध्ययन दिखाता है कि स्वर्गदूत केवल रक्षक या स्तुति करने वाले ही नहीं हैं, बल्कि वे परमेश्वर के दिव्य मार्गदर्शक (Divine […]
दिन 10: प्रार्थना का उत्तर लाना – पहले दिन से ही सुनी गई प्रार्थना

मुख्य पाठ (Key Scriptures): दानिय्येल 10:12, प्रेरितों के काम 10:3-4, प्रकाशितवाक्य 8:3-4 मुख्य विषय: प्रार्थना की सामर्थ्य, उत्तर में होने वाली देरी का आत्मिक रहस्य और स्वर्गदूतों की भूमिका अक्सर जब हम निरंतर प्रार्थना करते हैं और तुरंत कोई उत्तर दिखाई नहीं देता, तो हमारे मन में यह विचार आता है कि क्या परमेश्वर ने […]
दिन 9: संकट में छुड़ाना – डरने वालों के चारों ओर छावनी (Divine Deliverance)

मुख्य पाठ (Key Scriptures): भजन संहिता 34:7, 2 राजा 6:15-17, दानिय्येल 6:22 मुख्य विषय: अदृश्य ईश्वरीय सुरक्षा, स्वर्गीय घेराबंदी और संकट के समय अद्भुत छुटकारा आज का यह अध्ययन हमें विश्वास के एक ऐसे धरातल पर ले जाता है जहाँ हमारी भौतिक आँखें बंद होती हैं और आत्मिक आँखें खुलती हैं। भजन संहिता 34:7 केवल […]
दिन 8: सुरक्षा प्रदान करना – तेरे सारे मार्गों में तेरी रक्षा (Guardian Angels in Hindi)

मुख्य पाठ (Key Scriptures): भजन संहिता 91:11-12, मत्ती 4:6, प्रेरितों के काम 12:7-11 मुख्य विषय ईश्वरीय सुरक्षा, संरक्षक दूत (Guardian Angels) और संकट में परमेश्वर की अद्भुत सहायता अक्सर हम अपने जीवन में किसी बड़ी दुर्घटना या विपत्ति से बाल-बाल बच जाते हैं और इसे “संयोग” या “किस्मत” कह देते हैं। परंतु बाइबल का अध्ययन […]
दिन 7: करूब (Cherubim) – परमेश्वर की पवित्रता के रक्षक

मुख्य पाठ (Key Scriptures): उत्पत्ति 3:24, निर्गमन 25:18-22, यहेजकेल 10:1-22 मुख्य विषय: ईश्वरीय पवित्रता का संरक्षण, सिंहासन की उपस्थिति और परमेश्वर का न्याय बाइबल अध्ययन में करूबों (Cherubim) का वर्णन अक्सर पंखों वाले छोटे मासूम बच्चों की तरह नहीं, बल्कि परमेश्वर की पवित्रता के अदम्य रक्षक और उसके महिमावान सिंहासन के वाहक के रूप में […]
दिन 6: संदेशवाहक जिब्राईल – खुशखबरी और दर्शन लाने वाला (Archangel Gabriel in Hindi)

मुख्य पाठ (Key Scriptures): लूका 1:11-20, 1:26-38; दानिय्येल 8:16, 9:21 मुख्य विषय: ईश्वरीय संवाद, सुसमाचार (Gospel) की घोषणा और परमेश्वर की योजना का प्रकटीकरण बाइबल अध्ययन श्रृंखला के दिन 6 में आज हम स्वर्ग के एक और विशेष दूत के बारे में विस्तार से समझेंगे—संदेशवाहक जिब्राईल (Archangel Gabriel)। जहाँ मीकाएल को “योद्धा” के रूप में […]
दिन 5: प्रधान दूत मीकाएल – आत्मिक युद्ध का योद्धा (Archangel Michael in Hindi)

मुख्य पाठ (Key Scriptures): यहूदा 1:9, दानिय्येल 10:13, प्रकाशितवाक्य 12:7-8 मुख्य विषय : सुरक्षा, आत्मिक युद्ध और बुराई पर मसीह की अंततः विजय बाइबल अध्ययन श्रृंखला के दिन 5 में आज हम स्वर्ग के एक अत्यंत विशिष्ट और सामर्थ्यी दूत के बारे में विस्तार से समझेंगे—प्रधान दूत मीकाएल (Archangel Michael)। इब्रानी (Hebrew) भाषा में मीकाएल […]
दिन 4: स्वर्गदूतों की संख्या – अनगिनत स्वर्गीय सेना (Countless Heavenly Host)

मुख्य पाठ (Key Scripture): प्रकाशितवाक्य 5:11 (Revelation 5:11) मुख्य विषय: अनगिनत स्वर्गीय सेना, ब्रह्मांडीय सभा और परमेश्वर की अपार महिमा जब हम किसी सांसारिक सेना या विशाल सभा की कल्पना करते हैं, तो हमारे मन में हजारों या लाखों की संख्या आती है। परंतु जब बाइबल परमेश्वर के स्वर्गीय दरबार का वर्णन करती है, तो […]
दिन 3: स्वर्गदूत और परमेश्वर की आराधना (यशायाह 6:1-3) | सराफीम और ईश्वरीय पवित्रता

मुख्य पाठ (Key Scripture): यशायाह 6:1-3 (Isaiah 6:1-3) मुख्य विषय : सराफीम, ईश्वरीय पवित्रता और स्वर्ग की निरंतर आराधना मसीही जीवन और बाइबल अध्ययन में, परमेश्वर की उपस्थिति और स्वर्गदूतों की सेवा को समझना अत्यंत आवश्यक है। आज दिन 3 के अध्ययन में हम सराफीम (Seraphim) स्वर्गदूतों के स्वरूप, परमेश्वर की त्रिक-पवित्रता और स्वर्गीय आराधना […]