परमेश्वर का वचन
परमेश्वर के वचन के साथ 30 दिनों की यात्रा
30 Days with Bible केवल 30 दिनों तक बाइबल पढ़ने की योजना नहीं है, बल्कि परमेश्वर के जीवित वचन को जानने, समझने और अपने जीवन में लागू करने की एक आत्मिक यात्रा है।
बाइबल हमें केवल यह नहीं बताती कि परमेश्वर ने क्या किया है, बल्कि यह भी प्रकट करती है कि परमेश्वर कौन है, मनुष्य कौन है, पाप क्या है, उद्धार क्या है और यीशु मसीह में हमें कौन-सी आशा मिली है।
इन 30 दिनों में हम प्रतिदिन परमेश्वर के वचन के एक महत्वपूर्ण सत्य पर ध्यान करेंगे। हमारा उद्देश्य केवल अधिक अध्याय पढ़ना नहीं, बल्कि वचन को समझना, उस पर मनन करना और उसके अनुसार जीवन जीना है।
“हर एक पवित्र शास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है।”
2 तीमुथियुस 3:16