पवित्र आत्मा कौन हैं

Pavitra aatma kon han? ek vykti ya Aatma पवित्र आत्मा कौन हैं? एक व्यक्ति या आत्मा 02 

पवित्र आत्मा कौन है एक व्यक्ति या शक्ति ?

पवित्र आत्मा कौन है इस बात को लेकर शुरू से ही बहुत ज्यादा बवाल हैं। बहुत सारे लोग इस बात को मानते हैं कि पवित्रआत्मा किसी प्रकार की शक्ति या सामर्थ हैं। जैसे कि मैंने अपने पहले लेख में ‘पवित्र आत्मा क्या है’ में बताया था कि बहुत सारे लोग कहते है कि पवित्र बाइबल में कहीं भी नहीं लिखा कि पवित्रआत्मा एक व्यक्ति हैं। मैं भी इस बात को मानता हूँ कि ऐसा नहीं लिखा हैं।

परंतु बाइबल हमें ऐसा सिखाती हैं कि पवित्र आत्मा एक व्यक्ति हैं। पौलुस इस बात को कहता है कि पवित्र आत्मा पाया हुआ व्यक्ति ही परमेश्वर की बातों को समझ सकता हैं।

इस लेख  की पवित्र आत्मा कौन हैं में मैं आपको बाइबल से दिखाऊँगा कि कैसे और क्यों मैं विश्वास करता हूँ कि पवित्र आत्मा एक व्यक्ति हैं।क्योंकि कुछ ज्यादा बुद्धि मान लोग कहेंगे कि पवित्र आत्मा एक व्यक्ति है ये बात प्रभु यीशु के आखिरी चेले के मरने के लगभग 250 साल के बाद आई है। अगर पवित्र आत्मा सच में एक व्यक्ति है तो पहले क्यों नहीं बताया गया।  इसका जबाब  मैं सबसे आखिर में दूंगा। परंतु उससे पहले आपको पवित्र आत्मा के व्यक्ति होंने के बारे में बाइबल से सीखना हैं।

एक व्यक्ति कौन होता हैं?

पवित्र आत्मा कौन हैं इस में सबसे पहले ये जानिए कि एक व्यक्ति कौन हैं। वो क्या बातें है जो एक व्यक्ति को जानवरों या सारी सृष्टि से अलग करती है। बहुत सारे लोग ऐसा मानते हैं कि जानवरों में भी आत्मा होती हैं। उन में भी समझ होती हैं। परंतु ऐसा नहीं हैं। जी हाँ, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। जानवर जो कुछ भी करते हैं वो उनके अंदर सहज वृत्ति (इंस्टिंक्ट) के कारण ऐसा होता हैं।

परंतु मनुष्य में तीन बातें ऐसी होती है जो उसको मनुष्य या व्यक्ति बनाती हैं। वे तीन चीज़े हैं। इच्छा, भावना, और  बुद्धि । इंसान के अंदर ये तीन बातें है जो मनुष्य को जानवरों  से अलग करता हैं। तो इस बात को अपने जहन में रखे कि आप क्यों और कैसे जानवरो से अलग हैं।

परमेश्वर ने मनुष्य को बुद्धि, इच्छा और भावना दी है। इसलिए तो इंसान हर परिस्थिति को समझ कर अपनी इच्छा से व्यवहार करता हैं। जबकि जानवर ऐसा नहीं कर सकते। उदाहरण के तौर पर शेर मांस खाना नहीं छोड़ सकता। परंतु आप स्थिति के अनुसार अपने खाने को बदल सकते है।

आप ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि आप के अंदर ऐसा करने की इच्छा और भावना हैं इसलिए तो आप इंसान हैं। पवित्र आत्मा कौन है। इस बात को अब आप नीचे समझ पाएंगे।

पवित्र आत्मा एक व्यक्ति कैसे हैं?

पवित्र आत्मा कौन है इस सवाल को का उत्तर पाने के लिए तीन बाते अपने दिमाग  में रखें जो आपको ’पवित्र आत्मा कौन है’ समझने में सहायता करेगी । इच्छा, भावना  और बुद्धि। एक मनुष्य में ये तीन बाते होती है जैसा कि मैंने ऊपर बताया है और बाइबल भी पवित्र आत्मा के विषय में इन बातों को सिखाती है। जो पवित्र आत्मा को एक व्यक्ति के रूप में प्रगट करती हैं।  तो  अपनी  बाइबल  के  साथ पवित्र आत्मा कौन है जानने के लिए तैयार  रहें।

पवित्र आत्मा की इच्छा हैं।

एक व्यक्ति में इच्छा होती है और बाइबल हमें साफ तौर पर बताती है कि पवित्र आत्मा की अपनी इच्छा हैं ध्यान दे कि एक शक्ति की कोई भी इच्छा नहीं होती हैं। परंतु  पवित्र आत्मा की इच्छा है। और बाइबल में पवित्र आत्मा की इच्छा को बहुत ही मुख्य जगह पर बताया गया हैं।

1 कुरिन्थियों 12:11 वह अपनी इच्‍छा के अनुसार प्रत्‍येक को अलग-अलग वरदान देता है। कुरिन्थियों की पहली  पत्री में जब पौलुस कुरिनथियों की कलीसिया के विश्वासियों को आत्मिक वरदानों के बारे में समझता हैं तब पौलुस बहुत ही साफ रीति से इस बात को स्पष्ट कर देता हैं

कि पवित्र आत्मा अपनी इच्छा  के अनुसार आत्मिक वरदानों को विश्वासियों को देता हैं। ना तो परमेश्वर और ना ही यीशु मसीह और ना ही कोई विश्वासी भाई या बहन पवित्र आत्मा पर जोर डाल सकता है। कि उसके ये वरदान मुझे चाहिए। सब कुछ पवित्र आत्मा की अपनी इच्छा के द्वारा किया जाता।

यहाँ पर एक ध्यान देने वाली एक और बात हैं। आज कल मसीह युग में बहुत सारे लोग इस बात को सिखाते हैं कि आपको परमेश्वर से आत्मिक वरदान मांगे चाहिए। जबकि बाइबल में इस तरह की कोई भी शिक्षा नहीं मिलती हैं। बल्कि ये तो पवित्र आत्मा पर निर्भर है कि वह आपको कौन-सा वरदान देता हैं।

पवित्र आत्मा कौन है इसके बारे में आप पहली बात को पढ़ चुके हैं कि पवित्र आत्मा की अपनी स्वयं की इच्छा हैं।

पवित्र आत्मा की भावना हैं।

मैंने आपको ऊपर बताया था कि एक मनुष्य को मनुष्य होने केलिए तीन बातें चाहिए। उन में से एक को हम देख चुके हैं अब आते है दूसरी बात पर वो हैं भावना, emotions। बाइबल हमें बताती है कि पवित्र आत्मा की भी भावना हैं। ये गुण तो एक व्यक्ति के पास होना बहुत ही जरूरी हैं। तभी आप किसी पर दया, क्रोध, न्याय दिखा सकोगे। अन्यथा आप को कुछ भी महसूस नहीं होगा। ये दूसरी बात कि पवित्र आत्मा कौन है आपको जानने में सहायता करेगी।।

बाइबल हमको बताती है कि पवित्र आत्मा के पास भी भावना है। इफिसियों 4:30 परमेश्‍वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो। इफिसियों की पत्री में पौलुस ने साफ तौर पर बताया है कि पवित्र आत्मा शोकित होता हैं। आप जब कुछ ऐसा काम करते हैं जो परमेश्वर के विरोध में है तब आप पवित्र आत्मा को शोकित या दुखी करते हैं।

यदि पवित्र आत्मा एक प्रकार की सामर्थ या शक्ति है तो उसको दुख कैसे हो सकता हैं? ये भी जरा सोचने वाली बात हैं। पौलुस बताता है कि झूठ बोलना, क्रोध करना, चोरी करना, ये सब वे काम है जो पवित्र आत्मा के विरोध में हैं। जब आप ऐसा कुछ करते हैं तो आत्मा को शोकित करते हैं।

रोमियों 15:30 में आपको पवित्र आत्मा के प्रेम के बारे में पता चलता हैं पौलुस रोम की कलिसिया को पवित्र आत्मा के प्रेम को याद दिलाता हैं। पवित्र आत्मा के पास प्रेम की भावना है। तभी तो पवित्र आत्मा परमेश्वर के प्रेम के द्वारा सब विश्वासियों को एक बंधन में बांध कर रखता हैं।

रोमियों 8:26 आत्‍मा स्‍वयं आहें भरकर जो बयान से बाहर हैं, हमारे लिये विनती करता है; पवित्र आत्मा प्रार्थना में हमारी सहायता करता हैं। पवित्र आत्मा परमेश्वर की इच्छा के अनुसार हमारे लिए प्रार्थना करता हैं। यहाँ पर आहें भरना अन्य अन्य भाषा में बातें करना नहीं हैं।

पवित्र आत्मा कौन है? इस पर हम दो बातों को बहुत अच्छे से देख चुके है कि पवित्र आत्मा कि अपनी इच्छा है और पवित्र आत्मा के पास अपनी खुद की भावना भी हैं।

पवित्र आत्मा के पास बुद्धि हैं।

पवित्र आत्मा कौन हैं

अब हम तीसरी बात को जो बहुत ही ज्यादा जरूरी है एक मनुष्य होने के लिए वो है बुद्धि। बिना बुद्धि के एक व्यक्ति किसी भी वस्तु के बारे में, किसी भी भावना के बारे में और ना ही इच्छा के बारे में जान सकता हैं। बाइबल बहुत ही साफ तौर पर बताती है कि पवित्र आत्मा के पास बुद्धि है जो इस विषय को कि पवित्र आत्मा कौन है बहुत ही ज्यादा साफ कर देगी।

1 कुरिन्थियों 2:10-11 आत्मा सब बातें, वरन् परमेश्‍वर की गूढ़ बातें भी जाँचता है। कुरिन्थियों की पहली पत्री में जब पौलुस बुद्धिमता के बारे बताता है कि कैसे संसार की बुद्धि और परमेश्वर की बुद्धि में अंतर हैं। तब पौलुस पवित्र आत्मा की बुद्धि के बारे में भी बताता हैं। पवित्र आत्मा की बुद्धि ऐसी है कि वो परमेश्वर की गूढ बातें मतलब गहरी बातें जिसे सिर्फ परमेश्वर ही समझ सकता हैं पवित्र आत्मा को ही पता हैं। यानि के पवित्र आत्मा की बुद्धि परमेश्वर की बुद्धि के समान हैं।

यशायाह 11:2 बुद्धि और समझ की आत्‍मा। पुराने नियम में यशायाह की पुस्तक इस बात को और भी ज्यादा स्पष्ट कर देती हैं कि परमेश्वर की आत्मा के पास बुद्धि है। क्योंकि यशायाह 11 अध्याय में पवित्र आत्मा को बुद्धि की आत्मा और समझ की आत्मा करके नाम दिया हैं, अब बिना बुद्धि वाली शक्ति को तो कोई भी ऐसे नाम नहीं देता।

पवित्र आत्मा के कार्य जो साबित करते हैं कि वह एक व्यक्ति हैं।

पवित्र आत्मा

अब जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ। वह सब कुछ बाइबल से है मैं अपनी और से कुछ भी नहीं बताने जा रहा। जिससे आप खुद समझ जाएंगे कि पवित्र आत्मा कौन है।  और नीचे दिए गए सारे बिन्दु इसी बात की ओर संकेत करते हैं कि पवित्र आत्मा एक व्यक्ति  हैं। क्योंकि एक शक्ति या सामर्थ इस तरह के कार्य को नहीं कर सकती।

पवित्र आत्मा गवाही देता हैं।

यूहन्ना 15:26; रोमियों 8:16 आप अपनी बाइबल को ले और इन दोनों आयतों को  पढिए। आपको इन दोनों  आयतों में एक समान शब्द  मिलेगा जो है “गवाही“। यहूना में पवित्र आत्मा यीशु मसीह के विषय में गवाही देता हैं और रोमियों में विश्वासियों के लिए गवाही देता हैं।और ये काम एक व्यक्ति ही कर सकता हैं ना कि एक शक्ति या सामर्थ।

क्योंकि गवाही देने के लिए एक व्यक्ति को समझ और ज्ञान होना चाहिए कि वो असल में किस बात की गवाही दे रहा हैं। और मैं विश्वास करता हूँ कि पवित्र आत्मा जब गवाही देता हैं तो उससे ज्यादा बुद्धिमान कोई नहीं है। पवित्र आत्मा सहायता करता है एक विश्वासी को कि वह यीशु मसीह के बारे में गवाही दे सकें और पवित्र आत्मा खुद एक विश्वासी के विषय में गवाही देता हैं। कि वह परमेश्वर की संतान हैं।

पवित्र आत्मा सिखाता हैं।

यहूना 14:26 वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा। पवित्र आत्मा का कार्य है कि वह एक विश्वासी  को यीशु मसीह की बातें सिखाता हैं। तभी तो यीशु मसीह के स्वर्ग में जीवित उठा लिए जाने के बाद प्रभु के चेले प्रभु यीशु मसीह के बारे में इतना सब कुछ बड़ी ही दृढ़ता से बता सके।

वे पुराने नियम में यीशु मसीह के बारे में जो भविष्यवाणियाँ हुई थी उनको समझ सके और कलीसिया को बता सकें। ये सब कुछ पवित्र आत्मा के द्वारा किया गया कार्य हैं। और एक व्यक्ति ही किसी को कुछ सिखा सकता हैं। और परमेश्वर के वचन की गहरी बातों को सिर्फ पवित्रआत्मा ही समझ सकता हैं।

पवित्र आत्मा अगुवाई करता हैं।

रोमियों 8:14 पवित्र आत्मा एक विश्वासी की अगुवाई करता हैं कि वह परमेश्वर के मार्ग में चल सके। और परमेश्वर को प्रसन्न करने वाला जीवन जी सकें। आज बहुत सारे लोग जो खुद को मसीही विश्वासी कहते हैं। और बहुत सारे लोग पवित्र आत्मा को पाने का दावा करते है तो उनका जीवन इस बात की गवाही दे देगा कि वे सच मैं कैसे है।

पवित्र आत्मा कायल करता हैं।

यहूना 16:7-8 जब यीशु मसीह ने पवित्र आत्मा के बारे में शिक्षा दी थी तब यीशु मसीह ने बताया था कि पवित्र आत्मा का कार्य क्या हैं। जब पवित्र आत्मा आएगा तब वह क्या करेगा। और वह काम था कायल या निरुत्तर करना। पवित्र आत्मा संसार में ऐसी कायलता पैदा करेगा कि संसार को एक उद्धारकर्ता की जरूरत है। जब परमेश्वर का आत्मा कार्य करता है वहाँ पर बदलाव जरूर होता हैं।

पवित्र आत्मा आज्ञा देता हैं।

प्रेरितों के काम 8:29 पवित्र आत्मा परमेश्वर का कार्य करने की आज्ञा भी देता हैं। इस भाग में हम देखते है कि पवित्र आत्मा ने फिलेपुस को एक खोजे को सुसमाचार सूनाने के लिए कहा। और उसका नतीजा हम देखते है कि उस खोजे ने यीशु मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण किया। ऐसे सब काम एक व्यक्ति ही करवा सकता हैं। एक सामर्थ में ऐसा कुछ भी करने की सामर्थ नहीं होती।

पवित्र आत्मा कौन हैं इसको थोड़ा अब गहरा करते हैं।

जैसा कि मैंने ऊपर कहा था पवित्र आत्मा कौन है इस बात को लेकर बहुत सारा विवाद था और हैं भी। कुछ बुद्धि जीवी लोगों का मानना है कि ये लोगों द्वारा बनाई गई एक शिक्षा है। बहुतों ने वचन को तोढ़ मरोड़ कर उसको अपने हिसाब से बता दिया हैं।

लेकिन मैं कहूँ कि ऐसा नहीं हैं। बल्कि बाइबल ही पवित्र आत्मा को एक व्यक्ति के रूप में प्रगट करती हैं। और मैं समझता हूँ कि प्रभु के चेले इस बात को जानते थे। इस बात का प्रमाण मैं आपको बाइबल से ही दूंगा। ये बात कि पवित्र आत्मा कौन है पूर्ण रीति से स्पष्ट कर देगा।

पवित्र आत्मा कौन है

ये भाग यहूना 16:14 (यहाँ पर टच करके इसका अध्ययन कर सकते हैं) से है जहां पर  यीशु मसीह ने पवित्र आत्मा के बारे में सिखाया था।एक बात आपको जो जाननी है वो यह है कि पुराना नियम इब्रानी भाषा में और नया नियम यूनानी भाषा में लिखा गया है और यूनानी भाषा की व्याकरण में सबसे खूबसू-रत बात ये है कि आप पुलिंग (masculine)  का उपयोग करते है।  तो उसकी क्रिया, सर्वनाम सब कुछ पुलिंग में ही आएगा; यदि स्त्रीलिंग में है तो सब कुछ स्त्रीलिंग में ही होगा।

अब पवित्र आत्मा कौन है । इसके बारे में पवित्र आत्मा के लिए जो शब्द उपयोग किया गया है वह नूटर (neuter) हैं। यानि के ना तो पुलिंग है और ना ही स्त्रीलिंग हैं। इसलिए बहुत सारे लोग पवित्र आत्मा को एक शक्ति के रूप में देखते हैं। लेकिन अगर आप पवित्र आत्मा के लिए उपयोग किए गए सर्वनाम (pronoun) को देखनगे तो वह पुलिंग है। ना कि नूटर neuter। तो क्या चेले को लिखना नहीं आता था। 

ऐसा बिल्कुल भी नहीं  है। बल्कि उनको तो अच्छे से पता था कि क्या लिखा जा रहा है और जिनको वो लिखा गया वे भी अच्छे से जानते थे कि इसका अर्थ क्या हैं। और यहूना प्रेरित के लिए पवित्र आत्मा कोई शक्ति मात्र नहीं बल्कि एक व्यक्ति था। आप इफिसियों 1:14 को भी देख  सकते हैं। नए नियम के  चेले पवित्र आत्मा कौन है  इस बात के विषय में  बिल्कुल भी  उलझे हुए नहीं थे।

एक और बात के बारे में मैं चाहता हूँ कि आपको ज्ञात हो कि पवित्र आत्मा पुलिंग है ना कि स्त्रीलिंग। बहुत सारे इसको लेकर भी गलत शिक्षा को फैला रहें हैं। इन सब बातों से आपको स्पष्ट हुआ होगा की पवित्र आत्मा कौन हैं ।

निष्कर्ष

मैं विश्वास करता हूँ कि आपको आज के लेख से इस बात का पूर्ण पता चल गया होगा कि पवित्र आत्मा कौन है और बाइबल में इसको किस तरह से बताया गया हैं।।आज आपने सीखा कि पवित्र आत्मा एक व्यक्ति हैं। पवित्र आत्मा के पास बुद्धि, भावना और इच्छा है। जो पवित्र आत्मा को एक व्यक्ति बनाते हैं।

तो आज अवसर है कि आप भी परमेश्वर के आत्मा को अपने जीवन में काम करने दे। अपने पापों को परमेश्वर के पुत्र के सामने अंगीकार करे और यीशु मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करे। विश्वास करें कि यीशु मसीह का बलिदान के द्वारा ही आप अपने सारे पापों से क्षमाप्राप्त कर सकते हैं।

इस बात पर विश्वास करे कि यीशु मसीह मेरे ही पापों के लिए क्रूस पर कुर्बान हुया और कब्र में रखा गया। और परमेश्वर ने उसे मुरदों में से तीसरे दिन जीवित किया। ये ही परमेश्वर का प्रेम हैं जो आपको परमेश्वर के पास  ले आता हैं।

इस लेख को आगे भी शेयर करें ताकि दूसरे मसीह भाई-बहन यीशु मसीह और परमेश्वर के बारे में जान सकें। और यदि आपके आप कोई और सुझाव या सवाल है तो नीचे comment में जरूर लिखें।

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