पवित्र आत्मा के प्रतीक

Pavitra aatma ke prtik 04/पवित्र आत्मा के प्रतीक क्या हैं? 04/ What are the types of Holy Spirit-Hindi

पवित्र आत्मा के प्रतीक

पवित्र आत्मा के प्रतीक; बाइबल में पवित्र आत्मा को बहुत सारे प्रतीकों के द्वारा संबोधित किया गया हैं। जैसे कि आप पहले कि सीख चुके है कि पवित्र आत्मा कौन है, पवित्र आत्मा क्या है। और पवित्र आत्मा ही परमेश्वर है। अब जैसे प्रभु यीशु मसीह  के  बहुत सारे प्रतीक हैं  ठीक उसी तरह से पवित्र आत्मा के प्रतीक बाइबल में बहुत से है। और सिर्फ प्रतीक ही नहीं पवित्र आत्मा को कुछ उधारणों के द्वारा भी दर्शाया गया हैं।

तो आज पवित्र आत्मा के प्रतीक को हम इस लेख में देखेंगे। ताकि जब आप दुबारा उन बातों को पढे या सुने तो आपको पता हो इसका अर्थ यहाँ पर क्या हैं? इनको बाइबल में दो प्रकार से देखते हैं। एक प्रतीक के रूप में और दूसरा उद्धारण के रूप में। पवित्र आत्मा के प्रकार को दो भागों में देख  सकते हैं। एक तो जिस में पवित्र आत्मा को एक प्रतीक के द्वारा और दूसरा एक उद्धारण के उधारण के द्वारा समझाया गया है।

पवित्र आत्मा के प्रतीक

प्रतीक क्या होता हैं

परिभाषा:- प्रतीक एक ईश्वरीय उद्धारण है जो वास्तविक सच्चाई से मिलता जुलता हैं.। जब आप इस लेख को पढ़ेंगे तो आप इसको और अच्छे से समझ पाएंगे। बाइबल में पवित्र आत्मा के बहुत सारे प्रतीक है और उन सभी को आज आप समझ पाएंगे। ये सब बाइबल में पवित्र आत्मा के प्रतीक इस लिए दिए गए है ताकि आप पवित्र आत्मा के कार्य, व्यक्तित्व को अच्छे से समझ सके।

ध्यान रखें कि ये सब प्रतीक है वास्तविकता नहीं हैं बल्कि  वास्तविकता  की  हल्की-सी  झलक  हमारे समझने के लिए हैं। ये सब पवित्र आत्मा के प्रतीक हैं ना कि पवित्र आत्मा की  निशानी या चिन्ह।

कबूतर (Dove)

(मत्ती 3:16; मरकुस 1:10; लुका 3:22; यहूना 1:32)

पवित्र आत्मा के प्रतीक के लिए सबसे पहले जो मेरे मन आता है वो हैं जो चारों सुसमाचार की किताबों में जब यीशु मसीह ने बपतिस्मा लिया था उस समय में पवित्र आत्मा कबूतर (Dove) के समान यीशु मसीह पर उतरा था। तो यहाँ पर पवित्र आत्मा कोई कबूतर नहीं है बलिक कबूटर पवित्र आत्मा के प्रतीक में से एक है जिसके बारे में हर कोई जानता हैं । यहाँ पर कबूतर पवित्र आत्मा के कुछ बातों को या पवित्र आत्मा की सच्चाई को हमें समझने के लिए हैं। और ये पवित्र आत्मा के दो पहलू के बारे में हमको सिखाता हैं।

  1. आत्मा की पवित्रता:- मत्ती 10:16 के साथ तुलना की जाए तो आप समझ सकेंगे कि वहाँ पर यीशु मसीह ने बताया कि कबूतर के समान भोले यानि के पवित्र बनो।
  2. पवित्र आत्मा स्वर्ग से हैं। जब यीशु मसीह का बपतिस्मा हुया उस समय पवित्र आत्मा स्वर्ग से नीचे आया और स्वर्ग खुला हुआ था। तो हम यह पर पवित्र आत्मा के बारे में ये सीखते हैं कि पवित्र आत्मा पवित्र और स्वर्ग से आया हैं।

आग (Fire)

(प्रेरितों के काम 2:3)

ये तो आप सबको बहुत ही अच्छे से पता होगा बहुत सारे प्रचारक आज कल पवित्र आत्मा के प्रतीक के लिए आग की बात करतें हैं। जो बाइबल पद आपको दिया है वो बहुत ही ज्यादा प्रचलित हैं । परंतु अगर आप उसको ध्यान से पढ़ेंगे तो आपको मिलेगा  कि वो  फटी हुई जीभ थी  जो आग के सामन दिखाई दे रही थी। आग नहीं थी

पवित्र आत्मा के प्रतीक

किसी के समान होना  और किसी  वस्तु का वास्तविक होने में बहुत अंतर हैं। और  जो प्रेरितों  पर ठहरी  वो  फटी हुई जीभ थी ना कि किसी प्रकार की कोई आग। तो इसको भी अपने मन में रखें। लेकिन पुराने नियम को अगर आप अच्छे से पढ़ेंगे तो आपको आग को बहुत सारी चीजों के प्रतीक के रूप में देख सकोगे। पवित्र आत्मा के प्रतीक का अर्थ कुछ इस तरह से हैं

  1. परमेश्वर की उपस्थिति निर्गमन 3:2
  2. परमेश्वर की अनुमती लैव्य 9:24
  3. परमेश्वर की सुरक्षा निर्गमन 13:21
  4. न्याय, पवित्रीकरण, और परमेश्वर की शुद्ध करने की सामर्थ लैव्य 10:2; यशायाह 6:1-8

इसके साथ मैं एक और बात को बहुत ही स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि जब यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले मसीहा जो आने वाला है वह आग से बपतिस्मा देगा (मत्ती 3:11)। बहुत सारे मानते हैं कि यूहना की भविष्यवाणी पिन्तेकुस्त के दिन जब पवित्र आत्मा उतरा था  उस दिन पूरी हो हो गई थी दूसरे कहते हैं कि पवित्र आत्मा  का बपतिस्मा पिन्तेकुस्त वाले दिन हो गया था

आग जो है वो अभी के समय में पवित्र आत्मा के द्वारा हो रहे पवित्रीकरण को दिखाती  हैं। एक तीसरी व्याख्या भी हैं जो इस  पद को काफी साफ  रीति से समझ देती हैं। इसको दो भागों में विभाजित किया गया हैं आत्मा का बपतिस्मा  पिन्तेकुस्त के दिन  जब पवित्र आत्मा उतरा था उस दिन पूरा हो गया था

परंतु आग का बपतिस्मा जो है वो न्याय को दिखाता हैं जो यीशु मसीह के दूसरे आगमन पर हैं। जब यीशु न्याय करने के लिए आएगा। मती 3:12आयत इस के साथ व्याख्या में साथ भी आता हैं।

तेल (Oil)

(लुका 4:18; प्रेरितों 10:38; 1 यहूना 2:20)

तेल का उपयोग पुराने नियम में बहुत ज्यादा किया गया हैं। तेल, पवित्र आत्मा के प्रतीक  में से हैं। और यह पवित्र आत्मा की सेवकाई से संबंधित हैं और तेल पवित्र आत्मा की तीन बातों को सिखाता हैं

पुराने नियम में पवित्र आत्मा के कार्य की महत्व को सेवकाई के तैयारी के लिए पुराने  नियम में तेल के द्वारा याजकों को अभिषेक के रूप में देखते हैं। पुराने नियम में अभिषेक के तेल को विशेष रीति से तैयार किया जाता था। जब किसी को सेवकाई के लिए चुना जाता था

तो उस तेल के उसके सिर पर डाला जाता था। इस तरह से उस व्यक्ति का या याजक होने के लिए अभिषेक किया जाता था। (निर्गमन 40:9-16; लैव्य 8:30; यशायाह 61:1-2; लुका  4:18)। आज के समय में एक विश्वासी की  फलवंत  सेवकाई के लिए पवित्र आत्मा का अभिषेक बहुत ही जरूरी  हैं। पवित्र  आत्मा की सेवकाई के बिना एक मनुष्य की सेवकाई किसी भी काम की नहीं हैं।

तेल का दूसरा उपयोग जो आपको पुराने नियम में मिलेगा। वो मिलापवाले तंबू के साथ में हैं। मिलापवाले तंबू के तीन भाग थे आँगन, पवित्र स्थान, और महापवित्र स्थान। पवित्र स्थान में जो सिर्फ एक ही दीवट थी जिसको इस तेल के साथ  प्रज्वलित  किया  जाता है। और उस दीवट की रोशनी वहाँ पर की सब चीजों पर पड़ती थी। जो सब यीशु मसीह का सेवकाई की परछाई है निर्गमन 27:20–21; उसी तरह से आज पवित्र आत्मा सब विश्वासियों के सामने सारी महिमा यीशु मसीह को देता हैं वह यीशु मसीह ही को देता हैं जो सच और पवित्र और महिमा के योग्य हैं यूहन्ना 16:13–15; 1 यूहन्ना 2:20

तीसरा जो तेल का इस्तेमाल किया जाता था वो याजकों और कोढ़ियों के पवित्रीकरण के लिए किया जाता था  लैव्य 8:30; लैव्य 14:17। ठीक वैसे ही आज पवित्र आत्मा विश्वासियों का पवित्रीकरण करता हैं। तेल, जो पवित्र आत्मा के प्रतीक में से एक है हमको बहुत कुछ सिखाता हैं कि कैसे पवित्र आत्मा एक विश्वासी के जीवन में काम करता हैं।

पानी (water)

यूहन्ना 4:14; 7:38–39

पवित्र आत्मा के प्रतीक के लिए पानी से प्रभु यीशु मसीह ने जब पवित्र आत्मा के बारे में सिखाया था तब यीशु मसीह ने बताया पवित्र आत्मा की आने वाली सेवकाई के बारे में बताया था कि एक विश्वासी के जीवन से जीवन जल की नदी बह निकेलगी

  1. पवित्र आत्मा उनको बहुतायत का जीवन दिया जैसे यीशु मसीह ने उनको वायदा किया था  यूहन्ना 10:10
  2. जब पवित्र आत्मा एक विश्वासी के द्वारा कार्य करता हैं। तब उसके अंदर से जीवन के जल की नादिया बह निकलती हैं। जैसे पतरस ने प्रचार किया और बहुत सारे लोगों ने उद्धार प्राप्त किया। और उन्होंने ने अनंत जीवन प्राप्त किया

हव्वा (wind)

यूहन्ना 3:8

पवित्र आत्मा के प्रतीक में से हवा का पवित्र आत्मा के लिए आजकल हवा का उपयोग बहुत किया जाता हैं । जब यीशु मसीह ने नीकुदेमुस को जब नये जन्म के बारे  में समझाया था तब यीशु मसीह  नीकुदेमुस को बताया था कि पवित्र आत्मा हवा के समान हैं। इसलिए बहुत सारे लोग पवित्र आत्मा को हवा के रूप में देखते हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं। यहाँ पर पवित्र आत्मा की सच्चाई के बारे में कुछ बातें पता चलती हैं और ये बाते नए जन्म के साथ संबंधित हैं

  1. पवित्र आत्मा का काम अदृश्य हैं:- जैसे हवा अदृश्य है वैसे ही पवित्र आत्मा के कार्य भी अदृश्य हैं लेकीन हवा का आभास होता है उसका नतीजा हमें मिलता हैं ठीक वैसे ही नया जन्म भी अदृश्य हैं परंतु जीवन का बदलाव का नतीजा स्पष्ट हैं।
  2. पवित्र आत्मा का कार्य प्रभुता का कार्य हैं। जैस हवा जिधर चाहे उधर जाती हैं और जिसको चाहे उसको छूती है ठीक वैसे पवित्र आत्मा का कार्य हैं पवित्र आत्मा भी परमेश्वर की इच्छा के अनुसार परमेश्वर के चुने हुए पर कार्य करती हैं
  3. जैसे हवा ऊपर से आती हैं और जमीन पर बहती है ठीक वैसे नया जन्म भी स्वर्ग से आता हैं। और ये पूर्ण रीति से परमेश्वर, पुत्र और पवित्र आत्मा का कार्य हैं

छाप (seal )

छाप पवित्र आत्मा के प्रतीक में से बहुत ही खास हैं और आप सब को छाप यानि के सील के बारे में तो अच्छे से पता ही होंगा। कि जब किसी वस्तु पर छाप या मुहर दी जाती है तो उस पर किसका अधिकार होता हैं। ठीक वैसे ही पवित्र आत्मा के बारे में बताया गया है इफिसियों 1:13 में कि जब एक व्यक्ति सुसमाचार पर विश्वास करते हैं तो उसपर पवित्र आत्मा की छाप लग जाती हैं। छाप को पवित्र आत्मा के प्रतीक में से इस्तेमाल किया गया है। और ये छाप पवित्र आत्मा के कार्य के बारे में बहुत कुछ बताती हैं। इसके बारे आप बाद में अच्छे से सीखेंगे। यहाँ पर सिर्फ हल्का-सा  देखनेगे।

पवित्र आत्मा के प्रतीक
  1. पवित्र आत्मा की छाप बताती है कि हर विश्वासी पर परमेश्वर का हक है
  2. हमेशा की सुरक्षा
  3. छुटकारे के दिन के लिए दी हुई प्रतिज्ञा का आश वशन

आप लगभग उन सभी पवित्र आत्मा के प्रतीक को देख चुके है जो पवित्र आत्मा के लिए बाइबल मे उपयोग किये गए हैं। ये सब हमें इसलिए दिए गए हैं ताकि हम पवित्र आत्मा के बारे में और पवित्र आत्मा की सेवकाई को अच्छे से जान सकें। आपको पवित्र आत्मा के प्रतीक के  अध्ययन को अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि पवित्र आत्मा के प्रतीक हमारी समझ को और गहरा करते हैं।

तो आज अवसर है कि आप भी परमेश्वर के आत्मा को अपने जीवन में काम करने दे। अपने पापों को परमेश्वर के पुत्र के सामने अंगीकार करे और यीशु मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करे। विश्वास करें कि यीशु मसीह का बलिदान के द्वारा ही आप अपने सारे पापों से क्षमाप्राप्त कर सकते हैं।

इस बात पर विश्वास करे कि यीशु मसीह मेरे ही पापों के लिए क्रूस पर कुर्बान हुया और कब्र में रखा गया। और परमेश्वर ने उसे मुरदों में से तीसरे दिन जीवित किया। ये ही परमेश्वर  का  प्रेम  हैं जो आपको परमेश्वर के पास  ले आता हैं

इस लेख को आगे भी शेयर करें ताकि दूसरे मसीह भाई-बहन यीशु मसीह और परमेश्वर के बारे में जान सकें। और यदि आपके आप कोई और सुझाव या सवाल है तो नीचे comment में जरूर लिखें।

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