दिन 11: प्रार्थनापूर्ण जीवन—पिता के साथ अटूट संबंध
कल हमने यीशु की ‘करुणा’ के बारे में सीखा कि कैसे वे हमारे दुखों से द्रवित होते हैं। आज हम उनके जीवन के उस गुप्त स्रोत पर गौर करेंगे जहाँ से उन्हें यह सारी करुणा और सामर्थ्य प्राप्त होती थी—उनका प्रार्थनापूर्ण जीवन। यीशु, जो स्वयं परमेश्वर के पुत्र थे, उन्होंने इस पृथ्वी पर रहते हुए … Read more