धर्मविज्ञान शास्त्र
परमेश्वर, उसके वचन और मसीही विश्वास के सत्य को समझने की यात्रा
Theology (थियोलॉजी) का अर्थ है परमेश्वर और उससे संबंधित सत्य का व्यवस्थित अध्ययन। यह केवल धार्मिक सिद्धांतों को जानने का विषय नहीं, बल्कि यह समझने की यात्रा है कि परमेश्वर कौन है, उसने स्वयं को कैसे प्रकट किया है, उसने क्या किया है और उसके सत्य का हमारे विश्वास और जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। इस सेक्शन में हम परमेश्वर, त्रिएकता, यीशु मसीह, पवित्र आत्मा, उद्धार, पाप, बाइबल, कलीसिया, मसीही जीवन और अंतिम बातों जैसे महत्वपूर्ण theological विषयों का बाइबल के आधार पर अध्ययन करेंगे। हमारा उद्देश्य केवल अधिक ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने विश्वास की नींव को मजबूत करना, बाइबल की शिक्षाओं को सही ढंग से समझना और सत्य के अनुसार विश्वासयोग्य मसीही जीवन जीना है।
“अपने आप को परमेश्वर के सामने ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जिसे लज्जित होने की आवश्यकता नहीं, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।”
— 2 तीमुथियुस 2:15